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अस्थायी कब्ज़े के परिणामस्वरूप खार्किव और खेरसोन क्षेत्रों के क्षेत्रीय समुदायों की सामाजिक, आर्थिक, सार्वजनिक और संसाधन-संबंधी विशेषताओं में मूलभूत परिवर्तन हुए। प्रभावी पुनःएकीकरण रणनीति के विकास के लिए इन परिवर्तनों का विश्लेषण और उन पर विचार आवश्यक है; इस रणनीति को नवमुक्त यूक्रेनी क्षेत्रों में उपयोग के लिए अनुकूलित किया जाना चाहिए। खार्किव और खेरसोन क्षेत्रों में समान समस्याएँ और चुनौतियाँ हैं, जिनका सामना यूक्रेनी राज्य को अन्य कब्ज़ा-मुक्त क्षेत्रों में भी करना अपेक्षित है (राज्य प्रशासन की पुनर्स्थापना, स्थानीय स्वशासन निकायों का कार्य, विनाश की भरपाई और प्रभावित आबादी को सहायता आदि)।
कुछ पुनःएकीकरण उपायों की योजना बनाते समय स्थानीय निवासियों की जीवन-स्थितियाँ और राय बहुत महत्वपूर्ण हैं, किंतु वर्तमान में एकता और पुनःएकीकरण विषयक शोध में स्थानीय निवासियों के अपर्याप्त प्रतिनिधित्व की समस्या है, जिससे एकीकरण रणनीति विकसित करते समय उनके हितों की उपेक्षा हो सकती है। अंततः, पूरे युद्धकाल में समाज की एकता एक तात्कालिक समस्या है। सैन्य संघर्ष और कब्ज़े के परिणामस्वरूप स्थानीय समुदाय भौतिक और मनोवैज्ञानिक रूप से विभाजित हो सकते हैं, जिससे साझा पहचान का आधार खो सकता है।
यह प्रकाशन लचीले यूक्रेन के लिए पार्टनरशिप फंड के समर्थन से तैयार किया गया था। इस प्रकाशन की सामग्री की पूर्ण जिम्मेदारी NGO ‘Transatlantic Dialogue Center’ की है और यह आवश्यक नहीं कि फाउंडेशन और/या उसके वित्तीय साझेदारों की स्थिति को प्रतिबिंबित करे। NGO ‘Transatlantic Dialogue Center’ के अनुरोध पर समाजशास्त्रीय समूह ‘Rating’ द्वारा विशेषज्ञों और जनता का सर्वेक्षण किया गया, जिसके आधार पर यह प्रकाशन तैयार किया गया।
यह पाठ अंग्रेज़ी मूल से स्वचालित रूप से अनुवादित किया गया है, जो साइट की भाषा अंग्रेज़ी में बदलने पर अब भी उपलब्ध है।